ज़ंजीरों से खिला गुलाब
- एपिसोड 4 / 60
- हिन्दी
- मुफ़्त प्रीव्यू: एपिसोड 1–10
सार नोट्स
बचपन में गुलामी झेलने वाला नायक अठारह वर्ष की आयु में अपनी छिपी शक्ति जागृत करता है, लेकिन उसका नियत साथी उसे सार्वजनिक रूप से ठुकरा देता है। विश्वासघात, षड्यंत्र और पारिवारिक नरसंहार की सच्चाई उजागर होने पर वह दुश्मनों का सामना करता है, श्राप तोड़ता है और अन्यायपूर्ण परंपराओं को बदल देता है। अंततः नायक अपना खोया सम्मान और सिंहासन वापस पाकर अपने सच्चे प्रेम के साथ नया भविष्य बनाता है।
Maang Wapas, Dekh Unhe Rote Hain
सुनो मम्मी